रायडीही की कण्ढेई पपेट डांस परंपरा अस्तित्व संकट में : हेरिटेज वॉक समूह ने सुरक्षा की मांग की

Mar 17, 2026 - 00:22
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रायडीही की कण्ढेई पपेट डांस परंपरा अस्तित्व संकट में : हेरिटेज वॉक समूह ने सुरक्षा की मांग की

बालेश्वर, 16 मार्च (कृष्ण कुमार महान्ती): 15 मार्च को आयोजित 35वें ढेंकानाल हेरिटेज वॉक के अवसर पर प्रतिभागियों ने रायडीही गांव में प्रचलित प्राचीन कण्ढेई नाचा (कठपुतली नृत्य) की परंपरा पर प्रकाश डाला।

डीएचडब्ल्यू के संयोजक सुरेश प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में लगभग 30 विरासत-प्रेमियों ने इस गांव का दौरा किया। इस कला परंपरा की शुरुआत वर्ष 1952 में शत्रुघ्न जेना और बंशीधर धड़ा ने की थी, जिन्हें गंजाम की समान परंपराओं से प्रेरणा मिली थी।

वर्तमान में गांव में कण्ढेई नाचा के 17 दल सक्रिय हैं, जिनमें प्रत्येक दल में 8–10 कलाकार शामिल हैं। हालांकि आर्थिक कठिनाइयों और नई पीढ़ी की घटती रुचि के कारण यह पारंपरिक कला धीरे-धीरे अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है।
इस विरासत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्थानीय लोगों और हेरिटेज वॉक के आयोजकों ने रायडीही को “हेरिटेज पपेट विलेज” घोषित करने की मांग की है। उन्होंने इस मूल्यवान सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण के लिए सरकार के त्वरित हस्तक्षेप की भी आवश्यकता पर जोर दिया है।