फकीर मोहन साहित्य परिषद द्वारा बसंत कुमार सतपथी का 33वाँ श्राद्धोत्सव आयोजित
बालेश्वर, 21/2 (कृष्ण कुमार महान्ति): कवितीर्थ शांतिनिकेतन में फकीर मोहन साहित्य परिषद की ओर से विशिष्ट कथाकार बसंत कुमार सतपथी का 33वाँ श्राद्धोत्सव मनाया गया।
परिषद के सभापति डॉ. सुबास चंद्र पात्र की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फकीर मोहन स्वायत्त महाविद्यालय के ओड़िया भाषा एवं साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार नायक उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत क्षोभ की अभिव्यक्ति ही बसंती कथा-चेतना का मूल स्रोत रही है।
अध्यक्षीय भाषण में डॉ. पात्र ने कहा कि दुख और पीड़ा को पार करने के प्रयास में ही कहानी और रम्य-रचना बसंत सतपथी के जीवन का प्रमुख साधन बन गई।
परिषद के संपादक डॉ. रत्नाकर सिंह ने अपने प्रारंभिक वक्तव्य में उल्लेख किया कि यद्यपि हास्य उनके कथाओं का प्रत्यक्ष पक्ष है, किन्तु उनकी रचनाओं के अंतःस्थल में जीवन, जगत और मनुष्य के प्रति गहरी संवेदना प्रतिबिंबित होती है।
बालेश्वर के अनेक बुद्धिजीवी एवं साहित्य साधक इस अवसर पर उपस्थित थे। बसंत कुमार सतपथी के सुपुत्र सुरजीत सतपथी भी सभा में मौजूद रहे।