संभावित ग्रीष्म प्रवाह से निपटने के लिए तैयारी बैठक आयोजित : प्रत्येक विद्यालय में लगेगी ‘जल विराम घंटी’
बालेश्वर, 25/2 (कृष्ण कुमार महान्ति):संभावित ग्रीष्म प्रवाह की स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती उपायों की समीक्षा हेतु कल बालेश्वर स्थित जिला ऑडिटोरियम के सभागार में एक तैयारी बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सूर्यवंशी मयूर विकास ने की। यह बैठक ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा बालेश्वर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को सतर्क रहने तथा समय पर सूचना का आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रीष्म प्रवाह से होने वाली मृत्यु दर को शून्य पर लाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही जिला वन अधिकारी को वनाग्नि की रोकथाम एवं वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
जिला शिक्षा अधिकारी को सभी विद्यालयों में प्रत्येक घंटे के अंतराल पर विद्यार्थियों को पानी पीने के लिए ‘जल विराम घंटी’ प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए। लिफ्ट सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता को समय पर जल उठाव एवं जल प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य सेवा, अग्निशमन, शिक्षा, परिवहन, पशु संसाधन सहित विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निवारण करते हुए खराब नलकूपों को चालू करने के निर्देश दिए गए। जहां नलकूप की व्यवस्था संभव नहीं है, वहां टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने को कहा गया।
पंचायत, एनएसी (अधिसूचित क्षेत्र परिषद), नगर निकाय तथा सभी प्रखंड विकास अधिकारियों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जल छत्र खोलने के निर्देश दिए गए। मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी को पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र), उपखंड अस्पताल एवं जिला मुख्यालय अस्पताल में ग्रीष्म प्रवाह प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु वातानुकूलित कक्ष की व्यवस्था तथा पर्याप्त मात्रा में ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) एवं आवश्यक दवाओं का भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला श्रम अधिकारी को निर्देश दिया गया कि श्रमिकों से प्रातः 11 बजे से अपराह्न 3 बजे के बीच तेज धूप में कार्य न कराया जाए। टीपीएनओडीएल के कार्यपालक अभियंता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने को कहा गया।
संभावित कालबैसाखी तूफान की स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल तथा ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। ग्रीष्म प्रवाह एवं तूफान संबंधी सही जानकारी के आदान-प्रदान के लिए ‘सचेत ऐप’ के उपयोग पर भी जोर दिया गया। जनता की शिकायतों निवारण हेतु जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष का टोल फ्री नंबर 1077 तथा ब्लॉक स्तर के आपातकालीन नंबरों को व्यापक रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (राजस्व) हेमंत कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (सामान्य) सुधाकर नायक, नीलगिरि उपजिलाधिकारी, जिला परिषद बालेश्वर के अतिरिक्त परियोजना निदेशक, विभिन्न नगर निकायों के कार्यपालक अधिकारी, प्रखंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल एवं ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल के कर्मी, स्वैच्छिक संगठन, आपदा मित्र स्वयंसेवक, सिविल डिफेंस, अग्निशमन विभाग के अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन जिला परियोजना अधिकारी अबनीकांत भूयां ने किया, जबकि जिला आपातकालीन अधिकारी साईकृष्ण जेना ने धन्यवाद ज्ञापन किया।