ओबीबीए द्वारा भाषा पक्ष के पाँचवें दिवस पर बालेश्वर में ‘कवि श्रीदेब साहित्य संध्या’ का आयोजन
बालेश्वर, 27/02 (कृष्ण कुमार महान्ति): भाषा पक्ष और कुटीर पुस्तक मेले के पाँचवें दिवस पर ओड़िया भाषा विकास आंदोलन (ओबीबीए) द्वारा कवि श्रीदेब को समर्पित एक विशेष साहित्यिक संध्या का आयोजन किया गया।
कहानीकार अंजलि पांडा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस भव्य साहित्यिक संध्या में युवा कवि ज्ञानेंद्र पांडा और शोधकर्ता राजस्मिता साहू वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। दोनों वक्ताओं ने कवि श्रीदेब को माँ, मिट्टी और गाँव के कवि के रूप में अभिहित किया। उन्होंने कहा कि श्रीदेब किसानों के उन दुःखों और संघर्षों को, जो खाली पेट भरने के लिए निरंतर श्रम करते हैं, अपनी कविताओं में अत्यंत सूक्ष्मता और सटीकता से उकेरते हैं।
अपने वक्तव्य में कवि श्रीदेब ने समकालीन साहित्य की गति, प्रकृति और वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपनी काव्य-यात्रा और रचनात्मक अनुभवों को भी साझा किया।
गंगाधर बिश्वाल, रितेश दास, प्रीतिलेखा दास, प्रफुल्ल कुमार दास, कविता जेना और डॉ. सारंगधर त्रिपाठी सहित अनेक कवियों और साहित्यकारों ने श्रीदेब की विभिन्न कविताओं का पाठ किया, जिससे संध्या साहित्यिक ऊष्मा से भर उठी।
ओबीबीए के अध्यक्ष डॉ. चौधरी सत्यव्रत नंद ने उत्सव के उद्देश्य और भावधारा पर प्रकाश डाला। डॉ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी द्वारा कवि श्रीदेब पर आधारित एक कविता को कल्याणी नंद ने स्वरबद्ध कर प्रस्तुत किया। संयुक्त सचिव जुमरनाथ पात्र ने अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया, जबकि दूसरी संयुक्त सचिव शांतिलता पांडा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बालेश्वर के अनेक साहित्यकार और बुद्धिजीवी उपस्थित