ओड़िया भाषा विकास आंदोलन द्वारा भाषा पक्ष्य के चौथे दिन कवि प्रसांत दास को समर्पित साहित्यिक संध्या आयोजित

Feb 27, 2026 - 02:27
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ओड़िया भाषा विकास आंदोलन द्वारा भाषा पक्ष्य के चौथे दिन कवि प्रसांत दास को समर्पित साहित्यिक संध्या आयोजित

बालेश्वर, 26/02 (कृष्ण कुमार महान्ति): ओड़िया भाषा विकास आंदोलन द्वारा आयोजित भाषा पक्ष्य एवं कुटीर पुस्तक मेले के चौथे दिन कवि प्रसांत दास को समर्पित एक विशेष साहित्यिक संध्या का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कथाकार निवारण जेना ने की। युवा शोधकर्ता लोपामुद्रा दास, कवि मधुसूदन मिश्रा तथा शुभश्री दाश ने वक्ता के रूप में भाग लेते हुए कवि प्रसांत दास के समग्र साहित्यिक अवदान पर अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने कहा कि उनकी कविताओं में प्रेम और प्रणय के साथ गहरी मानवीय संवेदना तथा माँ और मातृभूमि के प्रति समर्पण की सशक्त ध्वनि सुनाई देती है।

अपने वक्तव्य में कवि प्रसांत दास ने कहा कि अचेतन मन में संचित शब्द और भावनाएँ कभी-कभी अचानक कविता के रूप में कागज़ पर अभिव्यक्त हो उठती हैं। उन्होंने कहा कि वही कविता कालजयी होती है, जिसमें कवि की विशिष्ट पहचान झलकती है।

कवि श्रीदेव, डॉ. रत्नाकर सिंह, गीतांजलि सतपथी, डॉ. समरबल्लभ भोई, त्रिनाथ नंदी और जुमरनाथ पात्र ने इस अवसर पर कविताओं का पाठ किया।
ओड़िया भाषा विकास आंदोलन के अध्यक्ष डॉ. चौधरी सत्यव्रत नंद ने उत्सव के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। साहित्यकार डॉ. कैलाश पटनायक ने कवि प्रसांत दास की सृजनशीलता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी द्वारा कवि के जीवन और कृतित्व पर लिखी गई एक कविता का गायन कल्याणी नंद ने किया।

युग्म सचिव जुमरनाथ पात्र ने अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया, जबकि महासचिव डॉ. त्रिपाठी ने समापन वक्तव्य दिया।इस अवसर पर प्रदीप चटर्जी, शरत कुमार महापात्र, राजेंद्र राउत, डॉ. लक्ष्मण चरण बिस्वाल, संजय कुमार पांडा, कविता जेना, अर्चना कर, लंबोदर नायक, विजय कुमार महान्ति, प्रणिता मिश्रा, नरेंद्रनाथ पाणिग्रही, प्रफुल्ल कुमार दास, रश्मिता परिड़ा, राजस्मिता साहू, अनीशा नायक, उर्मिला नायक, भास्कर चंद्र मिश्रा, पीताम्बर बेहेरा, दीपक दास, बसंती दे, अवंती प्रधान, रमाकांत महान्ति, करुणाकर एस., सुदीप्त कुमार साहू सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित थे।