बालासोर में बलांगी डिग्री कॉलेज का वार्षिक उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से हुआ संपन्न 

Feb 18, 2026 - 00:19
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बालासोर में बलांगी डिग्री कॉलेज का वार्षिक उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से हुआ संपन्न 

बालासोर, 17 फ़रवरी (कृष्ण कुमार मोहंती): बालासोर ज़िले के प्रमुख सह-शिक्षा महाविद्यालयों में से एक बलांगी डिग्री कॉलेज का वार्षिक उत्सव शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रत्नाकर सिंह ने की। बालासोर नगरपालिका की अध्यक्ष श्रीमती सबिता साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समय का सदुपयोग और निरंतर परिश्रम विद्यार्थियों को जीवन में सफल और आत्मनिर्भर बनाता है।

प्रख्यात साहित्यकार डॉ. शिरीष चंद्र जेना ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि हमारे चारों ओर ज्ञान और संसाधनों के असंख्य भंडार विद्यमान हैं। यदि मनुष्य उन्हें पहचानकर सही ढंग से उपयोग करना सीख ले, तो जीवन समृद्धि और संतोष से भर सकता है।

साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध कवि बिमल जेना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि मातृभाषा का प्रत्येक अक्षर माँ के चेहरे का प्रतिबिंब होता है। युवावस्था के सृजनशील वर्षों को मातृभाषा और मातृभूमि को समर्पित करना ही जीवन को सार्थक बनाता है।

एक अन्य विशिष्ट अतिथि, प्रख्यात कवि एवं शिक्षाविद् मधुसूदन मिश्रा, ने विद्यार्थियों के जीवन को विविध सद्गुणों के विकास से समृद्ध बनाने पर अपने विचार रखे।

ओड़िया विभाग के प्राध्यापक डॉ. सारंगधर त्रिपाठी ने अतिथियों का मंच पर स्वागत किया। प्राणीशास्त्र विभाग के प्राध्यापक प्रबोध कुमार पाटी ने वैदिक मंगलाचरण का पाठ किया।

महाविद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। प्राणीशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका सुरुचि मोहंती ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। दोपहर के सत्र में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनोज कुमार नायक, अजय कुमार महाकुड़, सुरेंद्र पांडा, बिस्वजीत प्रधान, रूपक बेहरा, संजय डे, प्रह्लाद कुआँर, प्रभात स्वाइन, तनुश्री पोथाल, मानसिनी दास, नमिता दत्ता, गोपाली दास, मोनालिना दास, इप्सिता पात्र, प्रियंका पात्र, प्रीतिरक्षा पात्र, संतोष पांडा, सत्यब्रत सामल, हरेकृष्ण बारिक, सुषांत दास, देबाशीष दास, रत्नाकर बेहरा सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा।